Skip to main content

Posts

Showing posts from May, 2018

Dalit in Media

दलितों का इतिहास
भारत के दलितों/पिछड़ों को अपना इतिहास जानना आवश्यक है। जब तक ये लोग अपना इतिहास नहीं जानेगें तब तक इनमें आपसी प्रेम -भाव पैदा नहीं होगा।
जो अपने को कृष्ण का वंशज मानते हैं , उन्हें जानना चाहिए कि ऋग्वेद में कृष्ण को असुर लिखा गया है।आर्यों के राजा इन्द्र से अनार्य कृष्ण का युद्ध हुआ था। युद्ध में हारने पर इन्द्र ने यमुना नदी का बाॅध कटवा दिया था जिससे वृन्दावन-मथुरा क्षेत्र में पानी भर गया था तब कृष्ण के बस्ती के लोग गोवर्धन पर्वत पर चले गये थे। कृष्ण के आठ विवाह हुए थे जिसमें यदुवंश के अतिरिक्त आदिवासी समाज से भी उनकी पत्नियाॅ थीं,जिससे प्रमाणित होता है कि उस समय जातियाॅ या तो थीं नहीं,अगर थीं तो विवाह का कोई जातीय प्रतिबन्ध नहीं था। 
कृष्ण की एक पत्नी रूकमणी से प्रद्युम्न पैदा हुए।प्रद्युम्न के पुत्र अनिरूद्ध थे,जिनका विवाह वाणासुर की पुत्री ऊषा के साथ हुआ था।वाणासुर ने ही वाराणसी नगर बसाया था,जो उसकी राजधानी थी। पाठकगण विचार करें कि वाणासुर तो असुर परिवार से थे,फिर कृष्ण के पौत्र अनिरूद्ध का विवाह कैसे हुआ? क्यो कि कृष्ण भी असुर थे।
इसलिए बराबरी के कारण ही अनिरूद्ध …