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Showing posts from 2018

Classification of Caste by HINDU

किस तरह बंटा हिन्दू जातियों में, जानिए एक सच अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
भारत में जाति सर्वव्यापी तत्व है। ईसाइयों, मुसलमानों, जैनों, बौद्धों और सिखों में भी जातियां हैं और उनमें भी उच्च, निम्न तथा शुद्ध-अशुद्ध जातियों का भेद विद्यमान है, लेकिन बात सिर्फ हिन्दू जातियों की इसलिए होती है, क्योंकि हिन्दू बहुसंख्यक हैं और जातियों में फूट डालकर या जातिवाद को बढ़ावा देकर ही सत्ता हासिल की जा सकती है या धर्मांतरण किया जा सकता है। राजनीतिक पार्टियों और कट्टरपंथियों को हिन्दुओं को आपस में बांटकर रखने में ही भलाई नजर आती है। 
इस तरह मिला जाति को बढ़ावा : दो तरह के लोग होते हैं- अगड़े और पिछड़े। यह मामला उसी तरह है जिस तरह कि दो तरह के क्षेत्र होते हैं- विकसित और अविकसित। पिछड़े क्षेत्रों में ब्राह्मण भी उतना ही पिछड़ा था जितना कि दलित या अन्य वर्ग, धर्म या समाज का व्यक्ति। पिछड़ों को बराबरी पर लाने के लिए संविधान में प्रारंभ में 10 वर्ष के लिए आरक्षण देने का कानून बनाया गया, लेकिन 10 वर्ष में भारत की राजनीति बदल गई। सेवा पर आधारित राजनीति पूर्णत: वोट पर आधारित राजनीति …

Dusadh or Paswan Samaaj

पासवान समाज

पासवान या पासी जिसका हिंदी में अर्थ: है “प्रशंसा के योग्य”, जो की भारत में हिंदुओं का एक समुदाय है। पासवान समाज का इतिहास बहुत ही रहस्यमय है जो की समय के साथ और भी गुमनाम होता गया। आज के समय में पासवान समुदाय के लोग मूलरूप से भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखण्ड व उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में बसे हुए हैं। पिछले कुछ दशकों में इस समुदाय के कई सदस्य बेहतर अवसरों की तलाश में जैसे कि नौकरी और शिक्षा आदि के लिए दिल्ली और मुंबई जैसी महानगरीय शहरों में बस गए। पासवान परिवार के इतिहास में एक जटिल विकास है जिसमें पासवान परिवार के सदस्यों द्वारा वर्षों से विवरण जमा किए गए। पासवान का अंतिम नाम पुरानी पारिवारिक रेखा है जो पूरे शताब्दी में दुनिया भर में चले गए और जिसकी वजह से पासवान नाम बिखर गया, इसका कारण यह हुआ कि पासवान समाज की उत्पत्ति उजागर करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। पासवान का इतिहासपासवान का विकास अपने शुरुआती मूल से शुरू हुआ। शुरुआती युग में पासवान नाम में कई बदलाव आये क्योंकि इतिहास में उस समय परिवार के नामों को शायद ही कहीं लिखा जाता था…

Passi Samaj and Heroes

पासी जाति नाम पड़ने का कारण 

पासी नाम पड़ने के कई कारण हैं। 1:मूल भारतीयों में जो लोग बहादुर थे। उन्हें गांव के शुरुआती छोर पर बसाया गया। ताकि आर्यों के शत्रुओं से लोहा उन्ही को लेना पड़े। परक्षणे धातु असी का अर्थ तलवार हैं। जो जाति तलवार से रक्षा करे वह है पासी। 2:उर्दू भाषा में पासवां कहा गया है,जिसका अर्थ होता है रक्षा करने वाला। 3: विद्वानों का मत, कि आदि काल में पास का प्रयोग जो लोग करते थे उन्हें पासी कहा गया। जैसे नागपाश,नागजातियां युद्ध में पाश (फंदो) का प्रयोग करती थीं। 4: अमेरिकन डिक्शनरी क्या कहती है :  name: Pasi
meaning:
king
gender:
male
origination from:
America
name historie:
Meaning of "Pasi"American nameIn American, the name Pasi means- king. The name Pasi orginated as an American name. The name Pasi is most often used as a boy name or male name.American Name Meaning - kingOrigin - America
वीर शिरोमणि महाराजा लाखन पासी 

लखनऊ लाखन पासी के नाम से बसाया गया था। आज जिस टीले पर किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज की भव्य इमारत खड़ी है। उसी टीले पर राजा लाखन …